Zomato! कंपनी ने की पेशकश: शराब की होम डिलिवरी करने की तैयारी
Zomato: लॉकडाउन में जोमैटो कर सकती है शराब की
होम डिलीवरी, ये है कंपनी का
प्लान |
आज के समय में हम सभी
कामों को इंटरनेट के माध्यम से आसानी से कर सकते है। चाहे वह शॉपिंग करना हो या
फिर किसी अन्य व्यक्ति से कनेक्ट होना, हर काम हम अपनी
उंगलियो के इशारो पर कर सकते हैं। अब तो हम खाना भी
इंटरनेट के जरीय ही मांगा रहे | है। Zomato भी एक एसी कंपनी है
जो खान आपके घर तक डिलीवर करती है | लेकिन लॉक डाउन के
कारण कंपनी के समक्ष समस्या आ गई है |
देश में लॉक डाउन के
कारण लोगो को बाहर घुमने की अनुमती नहीं है वैसे 3 मई 2020 के बाद सरकार
ने लॉक डाउन को कम कर दिया है अब वे बाहर अपनी जरुरत की वस्तुए बाजार से ला सकते
है | जब 4 मई को लॉक डाउन में छुट दी गई तो लोगो ने शराब
की दुकानों पर शराब खरीदने के लिए भीड़ लगा दी | इस कारण Zomato शराब को होम डिलीवर करने की तयारी कर रहा है |
कंपनी ने इसके लिए इंटरनेशनल स्पिरिट्स ऐंड वाइन एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ISWAI) को प्रस्ताव दिया है | लॉकडाउन की वजह से कंपनी का फूड डिलिवरी कारोबार काफी गिर गया है, इसलिए वह इस नए कारोबार में उतरकर अपना
अस्तित्व बचाए रखना चाहती है | लॉकडाउन के बीच ही देश में शराब का
कारोबार खोल दिया गया है और शराब की जमकर बिक्री हो रही है |
· Zamato शराब की होम डिलिवरी
की तयारी कर रही है |
· कंपनी
ने इसके लिए उत्पादकों के संगठन को भेजा प्रस्ताव |
· लॉकडाउन
के तीसरे चरण में शराब बिक्री को खोल दिया गया है|
फूड डिलिवरी कंपनी जोमैटो ऑनलाइन ऑर्डर के द्वारा लोगों के घर-घर तक शराब
पहुंचाने की तैयारी कर रही है | लॉकडाउन के बीच ही देश में शराब का कारोबार खोल दिया गया है और शराब की
जमकर बिक्री हो रही है | कंपनी इसका फायदा
उठाना चाहती है |
क्या
है कंपनी का प्रस्ताव
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की एक खबर में बताया गया है कि कंपनी ने इसके लिए
इंटरनेशनल स्पिरिट्स ऐंड वाइन एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ISWAI) को प्रस्ताव दिया है | लॉकडाउन की वजह से कंपनी का फूड डिलिवरी कारोबार काफी गिर गया है, इसलिए वह इस नए कारोबार में उतरकर अपना
अस्तित्व बचाए रखना चाहती है |गौरतलब है कि हाल में जोमैटो ने ग्रॉसरी की डिलिवरी भी शुरू की है |
खुल
गई हैं शराब की दुकानें
देश में लॉकडाउन का पहला चरण 25 मार्च को लागू किया गया था जिसके बाद शराब कारोबार पूरी तरह से बंद रहा | लेकिन राज्य सरकारें राजस्व की तंगी की
वजह से इस बात के लिए दाबव बना रही थीं कि शराब का कारोबार खोला जाए | इसकी वजह से केंद्र सरकार द्वारा लॉकडाउन
के तीसरे चरण में 4 मई को शराब का
कारोबार खोल दिया | शराब कारोबार
खुलते ही देश में जगह-जगह इसकी दुकानों पर भारी भीड़ और लंबी लाइन की खबरें आने
लगीं |
कई राज्य सरकारों ने तो
शराब पर टैक्स बढ़ा दिया है | दिल्ली सरकार ने शराब पर 70 फीसदी की विशेष कोरोना फीस लगा दी है |
लेकिन
कानूनन तो रोक है!
गौर करने की बात यह है कि भारत में अभी शराब की होम डिलिवरी की इजाजत नहीं
है | इसके लिए
कंपनियां दबाव बना रही हैं कि सरकार इसकी छूट दे | ISWAI इसके लिए जमकर लॉबीइंग कर रही है | अगर यह छूट मिलती है तो जोमैटो शराब की होम डिलिवरी शुरू कर सकती है |
एक मीडिया एजेंसी ने जोमैटो के सीईओ मोहित गुप्ता के हवाले से लिखा कि, 'अगर टेक्नोलॉजी की मदद से शराब की होम
डिलीवरी की जाती है, तो शराब की खपत
को बढ़ावा दिया जा सकता है।' जोमैटो ने कहा है कि वो उन्हीं जगहों पर यह सुविधा देगी जहां कोरोना वायरस
का संक्रमण कम है।
एक रिपोर्ट में बताया गया है कि राज्य को शराब पर एक्साइज ड्यूटी से 10-15 फीसद राजस्व आता है। राज्य के खुद के
टैक्स रेवेन्यू श्रेणी में एक्साइज ड्यूटी दूसरे या तीसरे नंबर पर आती है, पहले नंबर पर वस्तु और सेवा कर यानी
जीएसटी आता है।
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक 2019-20 में 29 राज्य और दिल्ली और पुडुचेरी जैसे केंद्र शासित प्रदेशों को शराब पर
एक्साइज ड्यूटी से कुल 1,75,501 करो़ड़ रुपये का बजट बना था। यह पिछले
साल 2018-19 की तुलना में 16 फीसदी ज्यादा था।

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